Site stats ≡ भारतीय सिनेमा के 10 चाइल्ड स्टार्स जिन्हें देखकर यक़ीन नहीं होगा — आज ये सभी बड़े होकर कितने बदल चुके हैं! ➤ Brain Berries

भारतीय सिनेमा के 10 चाइल्ड स्टार्स जिन्हें देखकर यक़ीन नहीं होगा — आज ये सभी बड़े होकर कितने बदल चुके हैं!

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भारतीय सिनेमा में बाल कलाकारों की एक समृद्ध परंपरा रही है। मासूम चेहरे, सधी हुई एक्टिंग और सच्चे भावों से इन बच्चों ने दर्शकों के दिल जीते। लेकिन बड़े होकर उसी इंडस्ट्री में टिके रहना आसान नहीं होता। कुछ कलाकारों ने खुद को नए रूप में स्थापित किया, तो कुछ ने अलग रास्ते चुने। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 बाल कलाकारों की कहानी, जिनका सफर समय के साथ बदलता चला गया।

आलिया भट्ट

आलिया भट्ट ने महज़ छह साल की उम्र में फ़िल्म संघर्ष में छोटा सा किरदार निभाया था। लंबे अंतराल के बाद स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर से उनकी धमाकेदार एंट्री हुई। आज आलिया हिंदी सिनेमा की सबसे भरोसेमंद और सम्मानित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। हाईवे, राज़ी और गंगूबाई काठियावाड़ी जैसी फ़िल्मों ने साबित किया कि एक बाल कलाकार भी समय के साथ इंडस्ट्री की टॉप स्टार बन सकता है।

कुणाल खेमू

कुणाल खेमू 90 के दशक के सबसे लोकप्रिय बाल कलाकारों में रहे। हम हैं राही प्यार के और ज़ख़्म जैसी फ़िल्मों में उनकी एक्टिंग खूब सराही गई। बड़े होकर उन्होंने कलयुग, ट्रैफिक सिग्नल और गोलमाल सीरीज़ से खुद को स्थापित किया। हाल ही में निर्देशक के रूप में भी उन्होंने पहचान बनाई, जो उनके बहुआयामी टैलेंट को दिखाती है।

ऋतिक रोशन

ऋतिक रोशन ने बचपन में फ़िल्मों में डांस और छोटे रोल किए थे, लेकिन असली पहचान उन्हें कहो ना… प्यार है से मिली। आज वे बॉलीवुड के सबसे फिट और डेडिकेटेड अभिनेताओं में से एक हैं। कोई… मिल गया से लेकर वॉर तक उनका सफर यह दिखाता है कि बचपन की झलक भी भविष्य की बड़ी कहानी बन सकती है।

सना सईद

कुछ कुछ होता है में छोटी अंजलि के रूप में सना सईद आज भी याद की जाती हैं। बाल कलाकार के तौर पर मिली लोकप्रियता के बाद उनका वयस्क करियर सीमित रहा। रियलिटी शोज़ और कुछ फ़िल्मों के बावजूद वे उसी ऊँचाई तक नहीं पहुँच पाईं, लेकिन उनकी बचपन की भूमिका आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा है।

दर्शील सफ़ारी

तारे ज़मीन पर के ईशान अवस्थी के रूप में दर्शील सफ़ारी ने हर माता-पिता और बच्चे को भावुक कर दिया। इस एक फ़िल्म ने उन्हें अमर बना दिया। बाद में उन्होंने कुछ और फ़िल्में कीं, लेकिन वैसा प्रभाव दोबारा नहीं बन पाया। फिर भी उनकी पहली भूमिका भारतीय सिनेमा के इतिहास में खास जगह रखती है।

शाहिद कपूर

शाहिद कपूर ने करियर की शुरुआत बैकग्राउंड डांसर और विज्ञापनों से की थी। इश्क़ विश्क से रोमांटिक हीरो बने शाहिद ने आगे चलकर हैदर और उड़ता पंजाब जैसी गंभीर फ़िल्मों से अपनी छवि बदली। उनका सफर मेहनत और लगातार खुद को निखारने की मिसाल है।

श्रीदेवी

श्रीदेवी ने चार साल की उम्र में अभिनय शुरू कर दिया था। बचपन से लेकर वयस्क उम्र तक उन्होंने हर दौर में दर्शकों पर राज किया। मिस्टर इंडिया, चांदनी और सदमा जैसी फ़िल्मों से वे भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार बनीं। उनका योगदान आज भी प्रेरणा देता है।

इमरान खान

इमरान खान ने बचपन में कयामत से कयामत तक में काम किया था, लेकिन असली पहचान जाने तू… या जाने ना से मिली। कुछ सालों तक वे रोमांटिक हीरो बने रहे, फिर अचानक इंडस्ट्री से दूरी बना ली। उनका करियर उम्मीदों और हकीकत के फर्क को दिखाता है।

आदर्श गौरव

आदर्श गौरव ने माय नेम इज़ खान में शाहरुख़ खान के बचपन का किरदार निभाया। लंबे संघर्ष के बाद द व्हाइट टाइगर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। आज वे कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा के मजबूत अभिनेता माने जाते हैं।

हंसिका मोटवानी

हंसिका मोटवानी ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट कोई… मिल गया और टीवी शोज़ में काम किया। बाद में उन्होंने साउथ सिनेमा में बतौर लीड एक्ट्रेस बड़ी सफलता हासिल की। उनका सफर बताता है कि इंडस्ट्री बदलने से भी करियर को नई दिशा मिल सकती है।

इन 10 बाल कलाकारों की कहानियाँ बताती हैं कि बचपन की शोहरत हमेशा आसान रास्ता नहीं बनती। कुछ सितारे नई ऊँचाइयों तक पहुँचे, तो कुछ ने शांति से अलग राह चुनी। लेकिन इन सभी ने अपने-अपने दौर में भारतीय सिनेमा को यादगार पल दिए—और यही उनकी सबसे बड़ी जीत है।